पावरलिफ्टिंग : भारत के युवा शशांक थड़ियाल ने एशियाई पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन किया है। शशांक ने एशियाई पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में एक रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड ही नहीं, पूरे भारत को इन एहतियाती उपायों पर गर्व है। शशांक मसूरी फायर ब्रिगेड अधिकारी दीराज सिंह थड़ियाल के बेटे हैं। वह मूल रूप से पुरी गढ़वाल जिले के नंदुवा गांव के निवासी हैं।
वर्तमान में वह प्रजनन क्षेत्र थेरादून में एक नई कॉलोनी में रहते हैं। कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ, शशांक अंतरराष्ट्रीय ऑल इंडिया का भेड़चाल है। कुल वजन 620 किलोग्राम। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रतियोगिता के बेंच प्रेस और स्क्वाट स्पर्धाओं में कांस्य पदक और ओवरऑल लिफ्टिंग वर्ग में शानदार रजत पदक भी जीता। शशांक की इस उपलब्धि को लेकर जश्न का माहौल है।
लोग संवेदनाएँ व्यक्त कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब शशांग थाड़ी ने भारत के लिए पदक जीता हो। इससे पहले भी वह कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर देश का गौरव बढ़ा चुके हैं। एशियाई स्तर पर यह उपलब्धि उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। शशांग के पिता दिराज सिंह थाड़ी ने कहा कि शशांग ने यह मुकाम हासिल कर लिया है। उसकी लगन, अनुशासन और विश्वास हमेशा प्रेरणादायी होते हैं। हमें गर्व है कि आज वह देश का नाम रोशन कर रहा है।
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